दया से होती है हृदय की पवित्रता

हमारा एक दोस्त सूर्यास्त के समय मैक्सिको के एक वीरान समुंदरी तात पर घूम रहा था घूमते समय उसे कुछ दुरी पर एक आदमी दिखाई दिया  जब वह पास पंहुचा तो उसने देखा की एक स्थानीय आदमी झुककर कुछ उठा रहा था और पानी में फेंक रहा था बार बार वह कुछ उठाकर फेंक रहा था 
जब हमारा दोस्त और करीब पहुंचा तो उसने देखा की वह आदमी समुन्द्र तात पर रेट में पड़ी मछली फेंक रह रहा था 
हमारा दोस्त हैरान रह गया उसने उस आदमी के पास जाकर कहा ” गुड इवनिंग ” दोस्त यह आप क्या कर रहे है ?
मै इन मछलियों को दुबारा समुन्दर में फेंक रहा हूँ देखिये इस समय समुन्दर का पानी अचानक उतरने के कारन ये मछलिया किनारे की रेट में फंस गई है अगर मैं इन्हे समुन्दर में नहीं फेंकूँगा तो ये ऑक्सीजन की कमी के कारन मर जाएँगी .
” मै समझता हु मेरे दोस्त ने जवाब दिया ” लेकिन इस समुन्दर तट पर तो हजारो मछलियां होंगी आप उन सभी को नहीं बचा सकते वे बहुत साडी है और क्या आपको यह एहसास नहीं की यह सैंकड़ो समुन्दर तट पर हो रहा है क्या आपको यह समझ में नहीं आता ही आपके कारन कोई फरक नहीं पड़ेगा ? “
स्थानीय निवासी मुस्कुराकर, झुका और एक मछली को उठाकर समुन्दर में फेंकते हुए बोलै , ” मेरे कारन अभी अभी उस मछली को निश्चित ही फर्क पड़ा होगा ” ,