Immorality Quotes in Hindi – Sufalta

कोई भी कर्मा अपने आप पाप अथवा पुण्य न्ही हो सकता ठीक जिस प्रकार बिंदु या शून्य का स्वतः कोई मूल्य नही होता। स्वामी राम तीर्थ पाप एक प्रकार का अंधेरा है जो ज्ञान के प्रकाश हेते ही मिट जाता है. राजा ज़िमान इश्स भ्र्म मे मत रहो की पाप प्रारब्ध से होते है पाप होते है तुम्हारी आसक्ति से और उनका फल तुम्हे भोगना पड़ेगा। हनुमान प्रसाद जहा किसी प्रलोभन से प्रेरित होकर तुम कोई पाप करने को उतारू

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