Benevolence Quote in Hindi – Sufalta

परही बस जिनके मान मँहि,तुन्ह कहूँ जाग दुर्लभ कछु नही. तुलसीदास – मानस फल आने से वृक्ष झुक जाते है नये बरसाती जल से भरे बदल खूब फैल कर झुक जाते है धन के आने से सज्जन पुरुष नर्म हो जाते है प्रोपकारियो का यह स्वाभाव ही है. कालिदास – शकुंतला जे ग़रीब सो हिट करै, धनी रहीं वे लोग,कहा सुदामा बापुरो, कृष्ण मिताई जोग. रहिम तुच्छ व्यक्तियो के पति अच्छाई करना समुंद्र मे पानी फेकने के समान है.  राजा

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